आपको देख कर देखता रह गया…..

होश आया था उस दिन जिस दिन रूप देखा तेरा,
अब तो मदहोश हो जाने को क्या, ज़िक्र ही काफ़ी तेरा ।।।।

मेरी पहली हिंदी पंक्तिया… ।

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4 thoughts on “आपको देख कर देखता रह गया…..

  1. शुभ परिचय से ऐसा शुभारंभ…
    अंजाम क्या होगा…
    वाह…
    .
    ज्ञानी कहते हैं कि
    सपने होंगे तब ही तो सच होने पर बात होगी
    सपने जरूरी हैं …
    बड़े सपने…
    .
    आपका ब्लाग भी आपके लिये
    बहुत बड़ा हो सकता है
    आप चाहें तो
    हमारी अनौखी परस्पर सहयोग योजना में
    साथ जुड़िये
    साथ दीजिये
    साथ लीजिये
    सबका सहयोग कर
    सबसे सहयोग ले
    सब आगे बढ़िये…..
    साथ आइये …
    साथ लाइये …
    (https://lekhanhindustani.com पर )
    साथ पाइये।
    लेखन हिन्दुस्तानी के वर्तमान और भावी सदस्यों का!!!!!!
    (व्यक्तिगत संदेश पर विस्तृत जानकारी पाइये, हमें फालो कीजिये… अभी …)
    – सत्यार्चन

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  2. सबल सेना (अंग्रेजी ) के विरुद्ध युद्धरत, हर एक सैनिक (गैर अंग्रेजी साहित्य सृजक),
    अपनी-अपनी पसंद का, अपना अलग मोर्चा खोलकर, युद्ध जीतने जैसी कल्पना करे तो वह महामूर्ख है…..
    सामाजिक, सामरिक या साहित्यिक समर, सक्रिय सार्वजनिक सहयोग के बिना नहीं जीते जा सकते …
    आइये पारस्परिक सार्थक सहयोगी बनकर जीत लें हम!!!
    हम अजाने हैं… या जाने माने हैं……
    जानें तो…कि, जानेमाने के अजानों के साथ मिलने से कितनी बड़ी सेना बनती है..!

    #सत्यार्चन

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