पारियों की रानी…. 

कभी हस के भी मिला करो,
इतना भी  गुरूर ठीक नहीं,
सताया इतना करो,
जितना बर्दाश्त हो सके,
पत्थर की मूरत अक्सर टूट जाती है,
नेक हो जो इरादे ही सही,
मजबूर ना कीजिए हमें ए पारियों की रानी,
वरना फरिश्ते हम भी नहीं….