रातें….

कभी सपनों से निकल के हक़ीक़त तो बनो,
इंतेज़ार में तुम्हारे निकाली हैं कई रातें,
कभी आओ मेरी हसरतें भी सुनो,
अरसा हुआ किए चंद बातें,
मोहोब्बत का सुना था कोई मुक़ाम नहीं,
यह बहता है तो बहता चला जाता है,
ग़र है लिखा मुक़द्दर में मिलना तुम्हारा,
अरे ज़रा तेज़ी दिख़ाओ,
कहीं बीत ना जाएँ तेरी-मेरी यें बाक़ी कुछ रातें….

One Day…

One day it won’t be difficult,
Looking up the stars,
Or through the sea of people,
There will be calm,
Serenity and stability,
Heartache will subside,
The mind will see clearly,
One day you’ll see how beautiful it is,
To love and be loved again,
One day you’ll be healed,
One day…..