Silence

Words fall from my mouth onto my chest bare,
Music less symphony they create,
A haphazard commotion of the mind,
A meaningless rhapsody born out of taboo,
The world around slips into a blackhole,
Flies at light speed,
And I try to hold my head,
The spinning cause me to belch,
But yet I stay silent……

बेचैनी….

कुछ अलग सी बेचैनी है,
मैं पूछता भी हूँ इससे,
पर ये बोलती नहीं,
ना जाने क्यूँ रूठी है,
क्यूँ बात नहीं करती,

कुछ अलग सी बेचैनी है,
सर झुका के बैठी है कहीं,
सिसक-सिसक के रात इसने काटी,
सुबह थक के सो जाती है,
पता नहीं कल रात इसने खाना खाया की नहीं,

ना जाने किसके ख़याल में खोई है,
किसका इंतेज़ार इसे है,
सुलग-सुलग के इसने ज़माने काटे हैं,
फ़िर सुबह सूरज देख के ना जाने क्या सोचती है,

कुछ अलग सी बेचैनी है,
शायद मेरी नहीं,
शायद तुम्हारी नहीं,
पता नहीं फ़िर किसकी है,
कुछ अलग सी बेचैनी है……