Infinity…..

And as she fell on him,
he was bound to her,
Infinity seemed their only home……

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कभी आना….

कभी रोशनी बन कर आना तुम,

अंधेरे तो ज़िन्दगी ने बहुत दिए,

आसमान बन कर आना तुम,

दिलासे तो ज़िन्दगी ने बहुत दिए…….

Water…..

As the cold water reached up my legs,
Slowly calming every nerve, every muscle,
Barely making their presence felt,
The sweet music that the water made,
In sync with the numerous stones,
That lay in its bed,
Perfected to the shape, the size they were then,
The water doesn’t stop,
Mountains turn to stones,
Stones to dust,
Who are we to question?
Why does one need so many answers?
I wondered my legs still in that cold water,
It really doesn’t matter,
As long as we are still moving,
The water had whispered in my ears,
They’ll soon turn to dust……..

अल्ला….

कुछ फुर्सत से बनाई होगी यह निगाह मेरी तूने,
देखता भी मैं तुझे हूँ,
दिखता भी तू नहीं है,
फिर भी जब कहीं सजदा कर लेता हूँ किसी मज़ार पर तेरी,
हवाएं चुपके से केह जाती हैं इन कानो में मेरे,
अल्ला हू अल्ला हू अल्ला हू….

ख्वाहिश…. 


ख्वाहिशों का बंद डिब्बा लिए,
रोज़ निकलता हूँ अपने घर से,
कोशिशें होती हैं की,
कोई आज़ाद हो सके ख्वाहिश मेरी,
सिक्कों की खनक मैं कोई मुस्कान सी आ जाती है,
आज खुलेगा डिब्बा मेरा,
फुर करके उड़ जाएगी आज कोई ख्वाहिश मेरी…