मजबूर…..

मजबूर हूं तेरी इबादत से ए मालिक,
वरना तो जिस्‍म यह मिट्टी ही है…….

I am chained to your worship,

This body is nothing but sand…..

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Sound…..

If only sound could travel through nothingness,
We would have known,
The pain the Moon feels,
Distance would never reduce,
Between her and the Earth,
Maybe that’s why its craters,
Tell a story,
Perennial, endless, infinite,
Sound can be underrated sometimes……

ज़िंदा ना गाड़ो…. 

ऐसे मेहफिल में तो ना गिराया करो ए दोस्‍त हमें,
माना आप जितने ना बन पाए हैं अभी,
थोड़ी किस्मत बेवफा थी,
और शायद वक़्त खराब था,
कोशिश कोन नहीं करता जनाब,
की सवर जाए उसका भी नसीब,
ठुकराए हुए दुनिया से जब आतें हैं हम कभी दर पर तेरे,
ऐसे ना छलनी किया करो हमें,
शायद कभी पहुंच पाएंगे जहां हैसियत है तेरी,
आज तो ज़िंदा गाड़ो ना हमें…..