चमकती उस शाम का 

चमकती उस शाम का क्या काफिला था, 
कुछ खुशनसीब हम थे, 
कुछ बेपरवाह आप भी थे, 
तारे मुसाफिर थे, 
रात ज़रिया थी, 
चमकती उस शाम का क्या काफिला था,
जाना शायद कहीं भी नहीं था, 
पीछे देखा तो कहाँ आ पहुंचे थे…… 

Amazing was the parade of the twinkling night, 
I was nothing but lucky, 
You were a little careless, 
Amazing was the parade of the twinkling night,
Headed I was nowhere,
turned back to find,
where I had come…  

Advertisements

Suraj….

ग़ैर बनके मिला ना करो तुम हमसे,
ख़फ़ा हो ज़रूर जुदा ना हो तुम हमसे,
बेकद्री मैं कभी अंजाने में वो गुनाह हुआ था,
गरजते तो बादल भी हैं कभी,
सूरज भी उनसे क्या कभी छुपा होगा।।।।

Gair banke na mila karo tum humse,
Khfa ho zaroor juda na ho tum humse,
Bekadri Main kabhi anjane main voh gunah huya tha,
Garajte toh badal bhi hain kabhi,
Suraj bhi unse kya kabhi chupa hoga…..