लकीरें…..

कुछ लिख के गया था मैं,
बारिश के मौसम में कभी,
शब्दों ने कुछ रूप लिया था,
कलम ने बहाई स्याही सही,
ना जाने क्यूँ कई लकीरें मीट के भी मिटती नहीं,
समय के साथ धूल में मिलती नहीं,

कुछ लिख के गया था मैं,
ऐसे ही किसी दिन उस काग़ज़ पे तेरे,
जो दिया था तूने मुकम्मल यह साजिश सही,
फिर शब्दों ने मेरे जब रचा था आशियाना मासूम,
मिलके तुमने बुना था कुनबा तभी,
थी रोशनी, थी कोई कमी नहीं,

कुछ लिख के गया था मैं,
उन दीवारों, उस अशियाने में कभी,
कुछ लकीरें मीट के भी मिटती नहीं,
छोड़ जाती हैं निशान कई ऐसे कभी,
हम तुम तो ज़रिया हैं,
एक कश्ती जिसका कोई किनारा नहीं,

चलो आज उठा कर एक पन्ना नया,
शुरुआत करते हैं ऐसी कोई,
जिसमें तुम तुम हो,
जिसमें मैं मैं हूँ,
जिसमें दिखते तुम या मैं भी नहीं,
मिटा दो वो लकीरें सभी,
बारिश आज तो होगी ही सही……

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घाव….

इंतज़ार और शायद है करना पड़ेगा वक़्त को अभी,
कुछ घाव कम्बख्त भरते नहीं…..

Let time wait a little more,

Some wounds are still afresh……….

Pieces of mine….. टुकड़े मेरे…….

कई दर्द छुपा रखे हैं मैंने,
यह जो सिलवटें हैं इस जिस्म पर मेरे,
ज़रा आना कभी फुर्सत से मेरी चौखट पर तुम भी किसी रोज़,
कुछ दफनाने हैं जो बच गए थे वो टुकड़े मेरे……..

No one sees the pain within,
The ones that stay in spaces of me,
Come to me, maybe once in a while,
Some pieces of mine are still left to be buried………

क्या हो सकता है यह?

मैं बढ़ता हूँ तेरी ओर,
धीरे धीरे फासले यह कम होते हैं,
धड़कता हुया यह दिल मेरा है,
कुछ शर्मा कर तुमसे केहना चाहता है,
हाथ तुम्हारा थाम कर दरिया यह पार करना चाहता है,
और जाना चाहता है उस जहाँ,
आसमान मिलता है इस धरती से जहां,
हो जाते हैं एक दोनों,
किसी जुगनू की तरह,
जो मिल चुका हो अपने मुकाम से,
आहिस्ता आहिस्ता, मद्धम मद्धम……..

अल्ला….

कुछ फुर्सत से बनाई होगी यह निगाह मेरी तूने,
देखता भी मैं तुझे हूँ,
दिखता भी तू नहीं है,
फिर भी जब कहीं सजदा कर लेता हूँ किसी मज़ार पर तेरी,
हवाएं चुपके से केह जाती हैं इन कानो में मेरे,
अल्ला हू अल्ला हू अल्ला हू….

दर्द….

उस दर्द की क्या दवा ढूंढिये,
रह रह कर जो उभर ही आता है,
मर्ज होता नहीं कुछ बीमारियां ऐसी भी हैं जनाब,
कुछ वक़्त के साथ जाती हैं,
कुछ के लिए यह जाम ही काफी है…….

Where to find the cure of the pain,
Emerges that with time to time,
Diseases sometimes are incurable,
Those that go with time,
Or sometimes a glass of my favourite wine….